संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में आज दोपहर 2:15 बजे सुनवाई निर्धारित है। हेमंत सोरेन ने ईडी की विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जांच पूरी होने तक उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया स्थगित करने की मांग खारिज कर दी गई थी।
याचिका में उन्होंने पीएमएलए अधिनियम की धारा 44(1)(डी) के तहत मामले की सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया है। साथ ही, इस धारा की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है।
जांच पूरी होने तक आरोप गठन टालने की मांग
हेमंत सोरेन की याचिका का मुख्य मुद्दा आरोप गठन की प्रक्रिया है। उनका पक्ष है कि मामले की जांच पूरी होने तक उनके खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया स्थगित रखी जानी चाहिए। इस मांग को ईडी की विशेष पीएमएलए अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
विशेष अदालत में भी होगी सुनवाई
हाईकोर्ट में सुनवाई के साथ ही ईडी की विशेष पीएमएलए अदालत में भी मामले से जुड़ी कार्यवाही होनी है। ऐसे में दोनों अदालतों की कार्यवाही पर नजर रहेगी।
17 आरोपितों में 16 के खिलाफ आरोप गठित
बड़गाईं जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल 17 आरोपित हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से 16 के खिलाफ आरोप गठित किए जा चुके हैं। अब हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया बाकी है।
हाल ही में आरोपित राज कुमार पाहन के खिलाफ भी ईडी की विशेष अदालत में आरोप गठित किए गए। इससे पहले पूर्व आईएएस अधिकारी छवि रंजन समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए जा चुके हैं।
हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर हेमंत सोरेन की याचिका पर अदालत का क्या रुख रहता है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।









