दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने मंगलवार रात को एक प्रेस रिलीज जारी कर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के आंकड़े साझा किए। इस चरण में 11 नवंबर 2025 को 122 विधानसभा क्षेत्रों में 66.91% मतदान दर्ज किया गया, जो कि 1951 में बिहार के पहले विधानसभा चुनाव के बाद से अब तक का सर्वोच्च मतदान प्रतिशत है। आयोग ने यह भी बताया कि इस बार महिलाओं का मतदान पुरुषों की तुलना में अधिक रहा, जो बिहार के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करता है।
1. मतदान प्रतिशत कुल मतदान प्रतिशत 66.91% रहा, जो पहले चरण के 65.09% से भी अधिक है। – शाम 5 बजे तक 67.14% मतदान दर्ज किया गया था, जो अंतिम आंकड़ों में मामूली कमी के साथ 66.91% पर स्थिर हुआ।
2. महिला मतदान में वृद्धि: – बिहार में महिलाओं का मतदान पुरुषों से अधिक रहा, और यह राज्य के इतिहास में सर्वोच्च महिला मतदान प्रतिशत के रूप में दर्ज हुआ। – चरण-द्वितीय में कुल 3.70 करोड़ मतदाताओं में से 1.74 करोड़ से अधिक महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने उत्साह के साथ मतदान किया।
3. चरण-वार विवरण: – चरण-द्वितीय: 66.91% मतदान। – कुल मतदाता: 3.70 करोड़ (पुरुष: 1.95 करोड़, महिलाएं: 1.74 करोड़, तृतीय लिंग: 943)। – मतदान केंद्रों की संख्या: 47,000 से अधिक, जिसमें 66,000 से अधिक मतदान कर्मी और 2,500 से अधिक पर्यवेक्षक तैनात थे।
4. क्षेत्रीय विविधता: – उच्चतम मतदान प्रतिशत नवादा (57.11%) और रोhtास (60.69%) जैसे क्षेत्रों में कम रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में 68.52% तक मतदान दर्ज किया गया (चुनाव आयोग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार)। – दोपहर 3 बजे तक 60.40% और दोपहर 11 बजे तक 31.38% मतदान दर्ज किया गया, जो दिन भर बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
5. चुनाव प्रक्रिया और निगरानी: – चुनाव आयोग ने 18 देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड आदि) के 67 पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में मतदान की निगरानी की। – 8 लाख से अधिक मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट डाला, जो अंतरराष्ट्रीय मतदाताओं के लिए सुविधा का हिस्सा था।
चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता जागरूकता अभियान को सफल बताते हुए इसे इस उच्च मतदान का कारण माना। साथ ही, 24 जून 2025 को शुरू की गई विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में सुधार और नामांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी बताया गया। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस पुनरीक्षण पर सवाल उठाए थे, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया। : मतगणना 14 नवंबर 2025 को होगी, जिसके परिणाम बिहार की राजनीतिक दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च मतदान प्रतिशत से युवा और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी है, जो चुनावी नतीजों पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। स्रोत: भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक प्रेस रिलीज

(https://x.com/ECISVEEP/status/1988273021480824883)









