देहरादून। उत्तराखंड राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में एक भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और राज्य के लिए 8260 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।

प्रदर्शनी में उत्तराखंड की विकास यात्रा को दर्शाया गया, जो इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देने के रूप में प्रस्तुत करती है।
प्रदर्शनी में उभरते विकास के आंकड़े प्रदर्शनी में प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड ने पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में हवाई यात्रियों की संख्या में 2008-09 के 2 लाख से बढ़कर 2025 में 15-16 लाख तक 99 गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा, 18 नए हेलीपैड्स के निर्माण से हिमालयी क्षेत्रों में दैनिक उड़ानों की संख्या 15 गुना बढ़ गई है, जो दूरस्थ क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रही है। इन आंकड़ों से राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास में आए उछाल का पता चलता है।

विकास परियोजनाओं का शुभारंभ प्रधानमंत्री ने रविवार को कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। इनमें शामिल हैं:
– देहरादून जलापूर्ति परियोजना: अमृत योजना के तहत 23 जोन में जलापूर्ति कवरेज सुनिश्चित करना, जो दैनिक 150 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करेगा।
– विद्युत उन्नयन: पिथौरागढ़ जिले में एक नई विद्युत सब-स्टेशन की स्थापना, जो बिजली आपूर्ति को बेहतर करेगी।
– नवीकरणीय ऊर्जा: सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण, जो ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देगा।
– खेल सुविधाएं: नैनीताल में हल्द्वानी स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड का उद्घाटन।
– कृषि और स्वास्थ्य: 28,000 से अधिक किसानों के खातों में 62 करोड़ रुपये की सीधी मदद और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार। इन परियोजनाओं में जलापूर्ति, बिजली, खेल, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जो राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व प्रदर्शनी में हस्तशिल्प और पारंपरिक बुनाई को भी प्रदर्शित किया गया, जहां पीएम मोदी ने स्थानीय कारीगरों के साथ बातचीत की और उनके कार्यों की सराहना की। इस दौरान एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया, जो उत्तराखंड के 25 साल के सफर को चिह्नित करता है। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि ये परियोजनाएं राज्य को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगी। जन प्रतिक्रिया और भविष्य की दृष्टि सोशल मीडिया पर इस आयोजन को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी गईं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने पीएम मोदी के प्रयासों की तारीफ की, जबकि अन्य ने सामाजिक मुद्दों और बेरोजगारी जैसे चिंताओं को उठाया। वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ाव जताया। केंद्र सरकार की ओर से जारी बयानों के अनुसार, ये कदम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में उठाए गए हैं, जिसमें बुनियादी ढांचे, सामाजिक कल्याण और सतत विकास पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञ राय विकास विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, खासकर पर्यटन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में।









