Simdega Desk | Santhal Hul Express
सिमडेगा जिले से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने पूरे झारखंड प्रशासन को हिला दिया है। कृषि विभाग में कार्यरत कर्मी सन्नी लकड़ा की मौत के बाद उनकी पत्नी नीलिमा कांत मिंज ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक भावुक पत्र लिखकर अपने पति की मौत के लिए विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना को जिम्मेदार ठहराया है।
पत्र मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया और सिमडेगा के उपायुक्त (DC) को पूरे मामले की जांच का आदेश दे दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा होते ही यह खबर आग की तरह फैल गई और जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।
—
茶 पत्नी का दर्दभरा पत्र — “अगर अधिकारी परेशान नहीं करते, तो मेरे पति आज जिंदा होते”
नीलिमा कांत मिंज ने अपने पत्र में लिखा है कि उनके पति कृषि विभाग, सिमडेगा में कार्यरत थे। बीते कुछ महीनों से कुछ विभागीय अधिकारी उन पर अनावश्यक दबाव और मानसिक प्रताड़ना कर रहे थे।
उन पर बार-बार स्पष्टीकरण पत्र (Explanation Letter) मांगा जा रहा था और छोटी-छोटी बातों पर फटकार लगाई जा रही थी, जिससे वे गहरे तनाव में चले गए।
नीलिमा ने पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि
> “4 नवंबर 2025 को मेरे पति को इतना मानसिक तनाव दिया गया कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अगर विभाग के अधिकारी ऐसा व्यवहार नहीं करते, तो मेरे पति आज हमारे बीच होते।”
⚖️ मुख्यमंत्री के आदेश पर DC सिमडेगा ने दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद DC सिमडेगा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कहा —
> “माननीय मुख्यमंत्री महोदय, आवेदिका से संपर्क किया गया है एवं भवदीय निदेशानुसार मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में पाया गया है कि स्वर्गीय सन्नी लकड़ा ATMA में संविदा पर अनुसेवक सह रात्रि प्रहरी के रूप में कार्यरत थे। उन्हें अगस्त माह तक का मानदेय भुगतान किया गया था, परंतु वे अपने मानदेय से असंतुष्ट थे। पूरे मामले की जांच शीघ्र पूरी कर यथोचित कार्रवाई की जाएगी।”
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर आई, लोगों ने मुख्यमंत्री के त्वरित संज्ञान की सराहना की। कई यूज़र्स ने लिखा —
“हेमंत सरकार ने फिर साबित किया कि वह संवेदनशील और जवाबदेह सरकार है।”
वहीं, कई लोगों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है ताकि भविष्य में किसी अन्य कर्मचारी को ऐसी परिस्थितियों से न गुजरना पड़े।
संवेदना और उम्मीद
सन्नी लकड़ा की असमय मृत्यु ने सिमडेगा के ग्रामीण इलाकों में गहरी संवेदना पैदा की है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार न केवल निष्पक्ष जांच कराएगी, बल्कि मृतक के परिवार को न्याय और सहायता भी देगी।









