संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची, 05 नवंबर। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा का चार दिवसीय साहित्यिक उत्सव ‘लिटनाइट 2025’ रचनात्मकता और उत्साह के अद्भुत संगम के साथ संपन्न हो गया। इस आयोजन ने परिसर को साहित्यिक ऊर्जा से भर दिया और छात्रों की प्रतिभा को एक शानदार मंच प्रदान किया।
उत्सव के तीसरे दिन की शुरुआत कैट हॉल में आयोजित सिम्पोज़ियम से हुई, जहाँ छात्रों ने साहित्य वाचन, रचनात्मक वक्तृत्व और भावनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया। इसके बाद अंग्रेजी नाट्य प्रस्तुतियों का दौर चला, जिसमें छात्रों ने स्वरचित नाटकों के जरिए हास्य और कल्पना का जबर्दस्त मेल पेश किया। लालू यादव और शेल्डन कूपर जैसे पात्रों पर आधारित नाटकों ने दर्शकों को खूब हँसाया।
अंतिम दिन का आगाज हिंदी नाट्य प्रस्तुति से हुआ, जहाँ टीटू मामा, अवध ओझा और उदय शेट्टी जैसे पात्रों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन सत्र में आयोजित कवि सम्मेलन ने उत्सव का स्वर गमकर्ण और भावपूर्ण बना दिया। आयुष ने अपनी रचना ‘ज़िंदगी के आगे’ से दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया, वहीं शैल ने ‘अधगले पत्ते’ और ‘एकांकी है’ जैसी भक्ति-प्रधान कविताओं से माहौल को भावविभोर कर दिया। सौम्या ने अपने मधुर गीतों से सभी का दिल जीत लिया। यह उत्सव तकनीक के साथ-साथ साहित्य और कला में भी संस्थान की स्ट्रांग पकड़ को दर्शाने में सफल रहा।









