रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली विभिन्न परीक्षाओं के लिए पंजीकरण व परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की है। इस नए निर्णय के तहत अब छात्रों से ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा, जिससे राज्य के लगभग 8 लाख छात्र प्रभावित होंगे।
नई फीस संरचना:
· पंजीकरण फॉर्म और परीक्षा फॉर्म भरने पर अब प्रत्येक के लिए 30-30 रुपये की एक अतिरिक्त ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस ली जाएगी।
· इससे पहले भी परिषद ने पंजीकरण व परीक्षा शुल्क में 20-20 रुपये की बढ़ोतरी की थी।
· नई व्यवस्था लागू होने के बाद, बिना कोई भौतिक फॉर्म दिए, छात्रों को कुल 120 रुपये तक अतिरिक्त देने होंगे।
किन परीक्षाओं पर लागू:
यह बढ़ाहुआ शुल्क मैट्रिक, इंटरमीडिएट, मदरसा, मध्यमा, वोकेशनल और प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षण (पीटीटी) सहित JAC द्वारा आयोजित सभी प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होगा।
विरोध के स्वर:
झारखंड प्लस टूशिक्षक संघ ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया है। संघ के संरक्षक सुनील कुमार ने सवाल उठाया है कि जब छात्रों को कोई प्रिंटेड फॉर्म नहीं दिया जा रहा है, तो ऑनलाइन आवेदन पर अलग से शुल्क लेने का तर्क क्या है। उन्होंने कहा कि यह कदम छात्रों और अभिभावकों पर अनुचित वित्तीय बोझ डालने जैसा है।
परिषद का तर्क:
JAC केअधिकारियों का कहना है कि यह अतिरिक्त शुल्क तकनीकी व्यय और ऑनलाइन प्रणाली के रखरखाव के लिए लगाया गया है। इससे परिषद को लगभग 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
छात्र संगठनों और शिक्षक संघों की ओर से इस निर्णय के खिलाफ आने वाले दिनों में और विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है।









