देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो द्वारा लगातार उड़ानें रद्द किए जाने के बाद उत्पन्न अफरा-तफरी और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से यह निर्णय उस समय लिया गया जब पूरे देश में हजारों यात्री अचानक हुए कैंसिलेशन से बेहाल दिखाई दिए और कई हवाईअड्डों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इंडिगो ने केवल नवंबर महीने में 1,200 से अधिक उड़ानें रद्द की थीं, जबकि दिसंबर के शुरुआती तीन दिनों में यह संख्या 1,700 पार कर गई। अचानक हुए इतने बड़े पैमाने के रद्दीकरण से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद समेत कई शहरों में यात्रियों को घंटों हवाईअड्डों पर फंसे रहना पड़ा। बैगेज हैंडलिंग में भी देरी से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।
सरकार ने एयरलाइन संचालन, टेक्निकल मैनेजमेंट, क्रू उपलब्धता व सर्विस सिस्टम की समग्र जांच कराने के साथ इंडिगो से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, ऐसे में लापरवाही या कार्यप्रणाली में खामियों पर सख्त कार्रवाई संभव है।
यात्रियों और विमानन क्षेत्र की निगाहें अब सरकार की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।









