रांची। झारखंड में मनरेगा के माध्यम से खेती की क्षमता बढ़ाने की दिशा में सरकार अहम कदम बढ़ाती दिख रही है। राज्य की रोजगार गारंटी परिषद की बैठक में चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और भविष्य में कृषि सुधार के लिए मनरेगा को और प्रभावी बनाने पर विचार किया गया।
बैठक के बाद मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि मनरेगा के जरिए कृषि को नई मजबूती दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि चर्चा का मुख्य बिंदु यह रहा कि योजनाओं को किस प्रकार कृषि क्षमता बढ़ाने के साधन के रूप में विकसित किया जाए। मंत्री ने बैठक को अत्यंत सकारात्मक बताते हुए कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध है और यदि योजनाओं का बेहतर संचालन हो तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत बन सकती है।
दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि संरचना को मनरेगा से जोड़कर खेतों की उत्पादकता और सिंचाई क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जनता के हित में काम कर रही है और राजनीतिक दवाब या आरोपों से विचलित नहीं होगी।
विभाग का मानना है कि अगर योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से किया जाए, तो मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास और मजदूरों को बेहतर आर्थिक अवसर प्रदान करने में अहम भूमिका निभा सकता है।









