देश में मंदिर-मस्जिद संबंधित मामलों पर लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होती जा रही है। इसी बीच एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) के पूर्व अधिकारी के.के. मुहम्मद ने हालिया बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने और विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को लेकर चल रही कानूनी और सामाजिक बहस को अनावश्यक रूप से भड़काने के बजाय समाधान ढूंढने की दिशा में प्रयास होना चाहिए। के.के. मुहम्मद का कहना है कि अयोध्या के फैसले के बाद अब देश को सौहार्द और आपसी समझ बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
पूर्व अधिकारी ने सुझाव दिया कि ऐतिहासिक विरासत और आस्था से जुड़े मुद्दों को आपसी सहमति से सुलझाना बेहतर विकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे और सभी पक्ष संवेदनशीलता के साथ कदम उठाएं।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में धार्मिक स्थलों और उनके दावों को लेकर कई मामले अदालतों में विचाराधीन हैं, जिन पर समाज के विभिन्न वर्गों की नजर है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर शांतिपूर्ण और संवैधानिक समाधान ही सही दिशा है।









