वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। जेपी मॉर्गन की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दो वर्षों में विश्व बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ेगा और अनुमान है कि FY2027 के अंत तक एक बैरल कच्चे तेल की कीमत $30 तक गिर सकती है।
वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत करीब $60 प्रति बैरल के आसपास है। रिपोर्ट में बताया गया है कि OPEC और गैर-OPEC देशों द्वारा उत्पादन में वृद्धि इस गिरावट का प्रमुख कारण है। उत्पादन अधिक होने की स्थिति में तेल की कीमतों में स्थिर और लगातार गिरावट देखी जा सकती है।
अगर अनुमान सही साबित होता है तो इस गिरावट का फायदा भारत जैसे बड़े आयातक देशों को होगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है, जिससे आम उपभोक्ताओं और उद्योगों को राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा नीतियों, भू-राजनीतिक परिस्थितियों और मांग-आपूर्ति की स्थिति के आधार पर बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।









