टर्म इंश्योरेंस लेते समय न करें ये आम गलतियां — जानिए क्यों बढ़ जाती है क्लेम रिजेक्शन की संभावना

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संथाल हूल एक्सप्रेस

आज के समय में टर्म इंश्योरेंस हर परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन माना जाता है। लेकिन अक्सर लोग इसे लेते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर भविष्य में क्लेम मिलने या न मिलने पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टर्म प्लान खरीदते समय सावधानी बरतने से परिवार को कठिन समय में मिलने वाली सहायता सुनिश्चित होती है।

सबसे पहली और बड़ी गलती यह होती है कि लोग कंपनी को अपनी पूरी जानकारी नहीं देते। यदि आप टर्म इंश्योरेंस ले रहे हैं तो यह अनिवार्य है कि स्वास्थ्य, मेडिकल हिस्ट्री, पिछली बीमारियों, धूम्रपान या शराब की आदत जैसी जानकारियां साफ–साफ कंपनी को बताई जाएं। गलत जानकारी देने पर बाद में क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है।

दूसरी आम गलती है अपनी जरूरत को समझे बिना केवल कम प्रीमियम देखकर बीमा चुन लेना। बीमा विशेषज्ञ बताते हैं कि टर्म प्लान की राशि व्यक्ति की आय, खर्चों, जिम्मेदारियों और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तय होनी चाहिए। केवल प्रीमियम कम होने का मतलब यह नहीं कि वही प्लान आपके लिए सही है।

इसके अलावा बीमा कंपनी का पुराना रिकॉर्ड और क्लेम सेटलमेंट रेश्यो जरूर जांचना चाहिए। कई बार लोग बिना शोध किए किसी भी कंपनी का प्लान ले लेते हैं, जिससे बाद में परेशानी बढ़ जाती है।

अंत में, यह भी ध्यान रखें कि बहुत कम अवधि वाला बीमा लेने से भविष्य में सुरक्षा कम हो सकती है। लंबे समय की पॉलिसी अधिक सुरक्षित मानी जाती है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि टर्म इंश्योरेंस खरीदते समय सोच–समझकर निर्णय लें, ताकि कठिन परिस्थितियों में परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े।

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