एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक करने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर, अमेरिका में बढ़ी राजनीतिक हलचल

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

अमेरिका में राजनीति और न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। देश के राष्ट्रपति ने उस विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके तहत सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी गोपनीय फाइलें अब सार्वजनिक की जाएंगी। लंबे समय से इन फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग उठती रही थी, क्योंकि माना जाता है कि इनमें कई हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों के नाम और कथित संबंधों का विवरण शामिल है।

विधेयक के पारित होने के बाद अमेरिकी न्याय विभाग को अनिवार्य रूप से इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करना होगा। यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे एपस्टीन के कथित नेटवर्क से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका और उनके संपर्कों की वास्तविकता सामने आ सकती है। एपस्टीन केस वर्षों से रहस्य और विवादों से घिरा रहा है, और कई बार यह आरोप भी लगे कि प्रभावशाली व्यक्तियों की वजह से जांच में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

राष्ट्रपति ने बिल पर हस्ताक्षर करते समय कहा कि “सच्चाई छिपी नहीं रह सकती, और संबंधित फाइलें सार्वजनिक होने के बाद कई तथ्य सामने आएंगे।” उनका यह बयान अमेरिका की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि माना जा रहा है कि फाइलें जारी होने के बाद कई बड़े नामों को लेकर राजनीतिक उथल-पुथल मचना तय है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद न केवल न्यायिक प्रक्रिया पर असर पड़ेगा बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है। एपस्टीन केस पिछले एक दशक से विवादों के केंद्र में रहा है और अब फाइलों के खुलासे के बाद इस मामले से जुड़े कई अनसुलझे पहलुओं पर रोशनी पड़ने की उम्मीद है।

अमेरिका में इस फैसले को पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में उठाए गए एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। जनता भी लंबे समय से इस मामले में सच्चाई का इंतजार कर रही थी और अब माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एक के बाद एक कई खुलासे सामने आ सकते हैं।

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