बड़कागांव। बड़कागांव प्रखंड में इन दिनों बड़े पैमाने पर अवैध बालू ढुलाई का धंधा खुलेआम चल रहा है। स्थानीय नदियों से अवैध रूप से निकाली गई बालू को स्टॉक यार्ड से हाईवा के जरिए ढोया जा रहा है, जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
व्यवस्थित ‘एंट्री’ माफिया का खेल
सूत्रों के अनुसार, इस अवैध कारोबार में एक व्यवस्थित माफिया सक्रिय है। प्रति हाईवा से प्रतिदिन 10,500 रुपये की तथाकथित ‘एंट्री फीस’ वसूली जा रही है। अनुमान के मुताबिक रोजाना 30-35 हाईवा इस कारोबार में शामिल हैं, जिससे महीनेभर में लाखों रुपये की वसूली हो रही है।
विभागीय मिलीभगत के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार में खनन विभाग, वन विभाग, अंचलाधिकारी और यहां तक कि कुछ पत्रकार तक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि वसूली का पैसा ‘ऊपर तक’ पहुंचाया जा रहा है।
प्रमुख आरोपी
सूत्रों के मुताबिक, बड़कागांव गुरुचट्टी निवासी जतिन कुमार उर्फ नंदकिशोर और सोनपुरा निवासी राजनाथ कुमार महतो इस वसूली के प्रमुख सूत्रधार बताए जा रहे हैं। इन दोनों के बिना ‘हरी झंडी’ मिले कोई भी हाईवा बालू ढुलाई में शामिल नहीं हो सकता।
अवैध स्टॉक यार्डों का जाल
पूरे प्रखंड में दर्जनों अवैध बालू स्टॉक यार्ड चल रहे हैं, जिनमें सांढ, शिवाडीह, नयाटांड, तलसवार, कोयलंग, सतबहिया और अम्बाटोला सिंगारसरैय जैसे इलाके शामिल हैं।
निगरानी का दावा, धंधा जारी
हालांकि प्रशासन की ओर से बरवाडीह मेगालिथ के पास चेकिंग का दावा किया जाता है, लेकिन अवैध बालू ढुलाई रातभर बिना किसी रोकटोक के जारी है। हाईवा मालिक रात में 2-3 ट्रिप करके इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।









