गिरिडीह। जिले के ताराटांड़ थाना क्षेत्र के बदगुन्दा गांव में बुधवार को कार्तिक उद्यापन के अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान दो समूहों के बीच हुई झड़प ने हिंसक रूप ले लिया। घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें से कई को उपचार के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेजा गया।
मामूली विवाद से शुरू हुई हिंसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत मंगलवार शाम तुलसी विवाह के कार्यक्रम के दौरान हुई। बुधवार सुबह जब शोभायात्रा गांव के काली मंदिर के समीप पहुंची, तो एक समूह ने दूसरे समूह की यात्रा को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और विवाद हिंसा में बदल गया। दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ और लाठी-डंडे चले।
प्रशासन ने काबू पाया स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही एसपी डॉ. बिमल कुमार, उपायुक्त रामनिवास यादव और एसडीपीओ जितवाहन उरांव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लेकर क्षेत्र में शांति बहाल की।
एसपी ने दिया बयान
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया, “दो व्यक्तियों के बीच झगड़े से शुरू हुआ यह विवाद बड़ा रूप ले लिया। हम उन लोगों को चिन्हित कर रहे हैं जिन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया। फिलहाल स्थिति शांत है और पुलिस की पर्याप्त तैनाती की गई है।”
इलाज चल रहा घायलों का
सूत्रों के अनुसार, घायलों को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में उपचार दिया गया, जिसके बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को गिरिडीह सदर अस्पताल रेफर किया गया। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।









