संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।
भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास में अनेक ऐसे शख्सियत हुए जिन्होंने जनजागरण की मशाल जलाई और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उनमें से एक महान नाम है—सर फिरोजशाह मेहता। एक प्रखर वकील, दूरदर्शी राजनेता और प्रतिष्ठित पत्रकार के रूप में उन्होंने देश की स्वतंत्रता और सामाजिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बॉम्बे प्रेसीडेंसी में जन्मे फिरोजशाह मेहता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्हें “बॉम्बे के शेर” के नाम से भी जाना जाता है। वे नगर प्रशासन में सुधारों के प्रबल पक्षधर थे और मुंबई नगरपालिका के गठन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। इसी योगदान के कारण उन्हें “मुंबई नगर पालिका के जनक” के रूप में भी याद किया जाता है।
पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उन्होंने समाज को जागरूक करने का कार्य जारी रखा। प्रख्यात दैनिक द बॉम्बे क्रॉनिकल के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश शासन की नीतियों की आलोचना और जनहित की आवाज बुलंद की।
न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जीवनभर प्रयत्नशील रहे मेहता ने अपने व्यक्तित्व से राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की।
उनकी सत्यनिष्ठा, राष्ट्रीय भावना और जनसेवा की भावना आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उनकी पुण्यतिथि पर संथाल हूल एक्सप्रेस परिवार की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि…
संथाल हूल एक्सप्रेस (हिंदी दैनिक), झारखंड









