संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची, 4 नवंबर। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित राज्य स्तरीय रबी कर्मशाला 2025-26 में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के 200 किसानों के जीवन में व्यक्तिगत प्रयास से बदलाव लाने का कार्य करें। इसके लिए अधिकारियों के प्रयासों से आए बदलाव की सूची भी तैयार की जाएगी।
कर्मशाला में रबी फसलों से संबंधित आवश्यक जानकारी को हर किसान तक पहुंचाने और फसल उत्पादन बढ़ाने पर मंथन किया गया। मंत्री तिर्की ने कहा कि इस वर्ष अतिवृष्टि से किसानों को 25-30 प्रतिशत का नुकसान हुआ है, जो बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। ऐसे में अधिकारियों को किसानों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशीलता दिखानी होगी।
मंत्री ने कहा कि बिरसा फसल बीमा से आच्छादित किसानों को मुआवजा दिलाने और बीमा लाभ से वंचित किसानों को आपदा प्रबंधन से मुआवजा दिलाने में अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। फसल नुकसान की रिपोर्ट अंचल से जिला मुख्यालय तक त्वरित पहुंचनी चाहिए। उन्होंने KCC लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया।
विभागीय सचिव अबू बक्कर सिद्दीखी ने कहा कि किसानों के लिए निश्चित कैलेंडर होना आवश्यक है। मिट्टी जांच के आधार पर फसल चयन को प्रोत्साहित किया जाए। बीएयू कुलपति डॉ. एस.सी. दुबे ने कहा कि अतिवृष्टि से हुई नमी का लाभ रबी फसलों में उठाया जा सकता है।
इस अवसर पर कृषि विभाग द्वारा तैयार पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में निदेशक जीशान कमर, निबंधक शशि रंजन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक एवं कृषि पदाधिकारी उपस्थित रहे।









