नई दिल्ली । देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी। यह मामला लखीसराय में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के अनुपालन से जुड़ा है।
सुप्रीम कोर्ट की तीन-सदस्यीय पीठ के समान सभी मुख्य सचिव पेश हुए और हलफनामा समय पर दाखिल न करने के लिए माफी मांगी। पीठ ने उनकी माफी स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी चूक न होने की चेतावनी दी।
मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने स्पष्ट किया कि वह सरकारी भवनों और परिसरों में कुत्तों को खाना खिलाने पर निगरानी के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि कई बार सरकारी कर्मचारी स्वयं कुत्तों को बढ़ावा देते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
गौरतलब है कि 27 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़कर बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तलब किया था, क्योंकि उन्होंने समय पर हलफनामा दाखिल नहीं किया था।
अदालत ने अगली सुनवाई 7 नवंबर के लिए निर्धारित की है और मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दे दी है। साथ ही, कुत्ते के काटने से पीड़ित लोगों के हस्तक्षेप आवेदनों को भी मंजूरी दी गई है।









