बरहरवा स्टेशन पर आरपीएफ की तत्परता से तीन नाबालिगों की सुरक्षा, मानव तस्करी से बचाई गईं दो लड़कियां और एक लड़का रेस्क्यू

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संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता, बरहरवा।


बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सक्रियता से तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के हुए दो अलग-अलग अभियानों में आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम ने संदिग्ध परिस्थितियों में दो नाबालिग लड़कियों और एक नाबालिग लड़के को बरामद किया।

पहली घटना गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे की है। इंस्पेक्टर संजीव कुमार हमराह कांस्टेबल अजय कुमार और ए.डी. चौधरी के साथ मानव तस्करी और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान स्टेशन परिसर में बुकिंग ऑफिस के पास दो नाबालिग लड़कियाँ संदिग्ध हालत में खड़ी मिलीं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे पाकुड़िया थाना क्षेत्र, जिला पाकुड़ की रहने वाली हैं और उम्र क्रमशः 14 और 15 वर्ष है। दोनों अपने गांव के ही लड़कों से, जो गाजियाबाद में रहते हैं, मिलने के लिए घर से बिना बताए भाग आई थीं। आरपीएफ को शक हुआ कि मामला मानव तस्करी या किसी अनहोनी से जुड़ा हो सकता है। तत्परता दिखाते हुए दोनों नाबालिगों को आरपीएफ पोस्ट लाया गया और मामले की सूचना बाल संरक्षण मंथन, बरहरवा को दी गई। साथ ही परिजनों से संपर्क स्थापित कर उन्हें जानकारी दी गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों लड़कियों को बाल संरक्षण मंथन की अनुराधा मंडल को सुपुर्द कर दिया गया।

दूसरी घटना शुक्रवार 31 अक्टूबर 2025 की तड़के की है। उसी टीम ने स्टेशन के वेटिंग रूम की जांच के दौरान एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़के को संदिग्ध अवस्था में पाया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पाकुड़ जिले का निवासी है और माता-पिता द्वारा पढ़ाई को लेकर डांट-फटकार के कारण घर से भागकर दिल्ली मजदूरी करने जा रहा था। आरपीएफ ने लड़के को भी पोस्ट लाकर आवश्यक पूछताछ की और बाल संरक्षण मंथन को सूचना दी। बाद में परिजनों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी गई और कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे भी बाल संरक्षण मंथन की अनुराधा मंडल को सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानव तस्करी और बाल श्रम की रोकथाम के लिए टीम लगातार सतर्कता बरत रही है।

संवाददाता जितेन्द्र सेन

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