नई दिल्ली/रांची। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न सम्मानित स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि (31 अक्टूबर) पर शुक्रवार को पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक कार्यक्रम आयोजित कर उनके साहस, दूरदृष्टि और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया गया।
इंदिरा गांधी भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री रहीं। उन्होंने अपने दृढ़ नेतृत्व, आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा और विकासोन्मुखी नीतियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को सशक्त बनाया। देश की सुरक्षा और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए, जिन्हें आज भी देश सम्मान के साथ स्मरण करता है।
विकास और सशक्त भारत का संकल्प
इंदिरा गांधी का नेतृत्व ग्रामीण विकास, हरित क्रांति, बैंकों के राष्ट्रीयकरण, अंतरिक्ष कार्यक्रमों के विस्तार तथा गरीबों के कल्याण जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए जाना जाता है। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही।
पीढ़ियों को प्रेरित करती विरासत
इंदिरा गांधी के कार्यकाल ने भारतीय राजनीति और प्रशासन को नई दिशा दी। उनका व्यक्तित्व युवाओं एवं महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
”मैं एक जिद्दी व्यक्ति हूँ। अगर सही समझूँगी, तो किसी की परवाह नहीं करूँगी।” – इंदिरा गांधी
उनके इन्हीं दृढ़ विचारों और राष्ट्रहित की नीतियों ने उन्हें विश्व की एक प्रभावशाली महिला नेता के रूप में स्थापित किया।
संथाल हूल एक्सप्रेस की श्रद्धांजलि
झारखंड में भी उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया।
संथाल हूल एक्सप्रेस (हिंदी दैनिक) की ओर से कहा गया—
“इंदिरा गांधी का जीवन राष्ट्र सेवा और साहस का अनुपम उदाहरण है। उनकी स्मृतियाँ सदैव प्रेरणा देती रहेंगी।”









