होमी जहाँगीर भाभा की जयंती पर विशेष: भारत के परमाणु कार्यक्रम के शिल्पकार को शत-शत नमन

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भारत के महान वैज्ञानिक और देश के परमाणु कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले डॉ. होमी जहाँगीर भाभा की जयंती 30 अक्टूबर को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। 30 अक्टूबर 1909 को मुंबई में जन्मे भाभा ने कम उम्र में ही विज्ञान के क्षेत्र में अपना कौशल और दूरदृष्टि साबित कर दी थी। उन्होंने भारतीय परमाणु ऊर्जा के भविष्य की जो नींव रखी, उसने भारत को विश्व पटल पर एक सशक्त परमाणु राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।


भारत का परमाणु युग शुरू करने वाले दूरदर्शी वैज्ञानिक

डॉ. भाभा ने 1945 में मुंबई में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR) की स्थापना की, जो आज भी विश्वस्तरीय शोध संस्थानों में गिना जाता है। इसके बाद उन्होंने 1954 में भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने यह साबित किया कि भारत स्वयं अपनी वैज्ञानिक क्षमता के दम पर ऊर्जा और तकनीकी के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। उनका मानना था कि “विज्ञान और तकनीक ही किसी देश के विकास की असली ताकत है।”


परमाणु ऊर्जा से राष्ट्रीय सुरक्षा तक

डॉ. भाभा का योगदान सिर्फ परमाणु ऊर्जा तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने रक्षा अनुसंधान को भी दिशा दी। शांतिपूर्ण उद्देश्यों से शुरू हुआ भारत का परमाणु शोध आज देश की सुरक्षा और विकास दोनों का आधार है।

उन्हीं की सोच के परिणामस्वरूप आगे चलकर भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किए और दुनिया को अपनी शक्ति का एहसास कराया।


असमय निधन, पर अमर विरासत

24 दिसंबर 1966 को विमान दुर्घटना में डॉ. भाभा का निधन हो गया। यह घटना देश के लिए एक बड़ी क्षति थी। लेकिन उनकी विचारधारा, वैज्ञानिक सोच और देश के प्रति समर्पण आज भी भारतीय परमाणु कार्यक्रम का मार्गदर्शक है।


भारत सदैव रहेगा कृतज्ञ

आज भी भारत के हर वैज्ञानिक संस्थान में, हर शोध परियोजना में और देश की हर नई तकनीकी उपलब्धि में भाभा की सोच की झलक मिलती है।

उनकी याद में मुंबई में स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) उनका जीवंत स्मारक है।

होमी जहाँगीर भाभा सिर्फ एक वैज्ञानिक नहीं, बल्कि भारत की आधुनिक वैज्ञानिक पहचान के निर्माता थे।

उनकी जयंती पर संथाल हूल एक्सप्रेस परिवार भारत के इस महान वैज्ञानिक को शत-शत नमन करता है और उनके सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराता है।


???? रिपोर्ट : संथाल हूल एक्सप्रेस (हिंदी दैनिक)

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