पाकुड़ : धारसुडी के सैकड़ों लाभुकों ने फिर लगाई गुहार, 10 माह से नहीं मिला पूरा राशन

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जिला प्रशासन से की दोषियों पर कार्रवाई की मांग

पाकुड़ ब्यूरो चीफ | संवाददाता/ मनोज प्रसाद

सदर प्रखंड के कालिदासपुर पंचायत अंतर्गत धारसुडी समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों राशन कार्डधारी लाभुकों ने गुरुवार को एक बार फिर उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर अपनी पीड़ा जाहिर की। लाभुकों का आरोप है कि पिछले 10 महीनों से उन्हें जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाला अनाज नियमित रूप से नहीं मिल रहा है।

250 से अधिक लाभुकों ने जताया विरोध——
लाभुक दशरथ मरांडी ने बताया कि इससे पहले भी 2 सितंबर को करीब 250 से अधिक राशन कार्डधारी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। उस समय जिला प्रशासन की ओर से एक सप्ताह के भीतर सभी को पूरा अनाज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक केवल आंशिक वितरण ही किया गया है।

कहीं चार तो कहीं छह महीने का ही मिला अनाज—–
लाभुकों का कहना है कि कुछ को 10 महीने के बदले केवल छह महीने का, तो कुछ को मात्र चार महीने का ही अनाज मिला है। बाकी महीनों का अनाज कहां गया, इसका कोई जवाब नहीं मिल रहा। महिला लाभुकों ने बताया कि वे महीनों से राशन के लिए चक्कर काट रही हैं, लेकिन न तो डीलर और न ही विभाग के अधिकारी कोई स्पष्ट जानकारी दे रहे हैं। दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आते हैं।

भाजपा नेता ने प्रशासन को लिखा पत्र——
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सह राज्य स्तरीय सलाहकार समिति खाद्य निगम के सदस्य अनुग्राहित प्रसाद शाह ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार में आदिवासी गरीबों का हक मारा जा रहा है।
उन्होंने कहा, “2 सितंबर को जब शिकायत की गई थी, तब जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने सभी लाभुकों को पूरा अनाज देने का वादा किया था। लेकिन अब तक प्रति सदस्य सिर्फ चार किलो अनाज ही दिया गया है। यह गरीबों के साथ सीधा छल है।”

जन वितरण प्रणाली में गहराया भ्रष्टाचार : साहा—–
श्री साहा ने आरोप लगाया कि जन वितरण प्रणाली में गहराया भ्रष्टाचार अब खुलकर सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि आदिवासी बहुल इलाके में गरीबों को उनके अधिकार से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने दोषी डीलरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर रोक लगाई जा सके।

जिला प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा—–
इधर, जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि शिकायतों की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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