लिट्टीपाड़ा
अखिल भारतीय आदिम जनजाति विकास समिति के बैनर तले मांझी विजय मरांडी स्टेडियम में दामिन-ई-कोह का 202वां स्थापना दिवस व 24वां वार्षिक पहाड़िया महाधिवेशन धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन हिल एसेंबली पहाड़िया महासभा के तत्वावधान में किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि रामकुमार पहाड़िया, बैजनाथ पहाड़िया, बेसागी पहाड़िन, सुरजी पहाड़िन, शिवचरण मालतो, सिमोन मालतो, महावीर मड़ैया, डेविड मालतो समेत कई गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंच संचालन शिवचरण मालतो ने किया।
समारोह में संथाल परगना के चार जिलों—दुमका, पाकुड़, साहिबगंज व गोड्डा से हजारों की संख्या में पहाड़िया समुदाय के लोग जुटे। इस अवसर पर पहाड़िया महासभा ने राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी के नाम 19 सूत्री मांगपत्र भी सौंपने की घोषणा की।
महासभा के महासचिव शिवचरण मालतो ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज भी आदिम जनजाति पहाड़िया बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। शुद्ध पेयजल, पोषण व वस्त्र जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने अंग्रेजों के शासनकाल में बने ‘सौउरिया कंट्री’ का हवाला देते हुए अलग प्रशासनिक क्षेत्र की मांग दोहराई और कहा कि जब तक पहाड़िया समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक अधिकार नहीं मिलते, तब तक उनका सर्वांगीण विकास संभव नहीं।
उन्होंने छह विधानसभा और दो लोकसभा क्षेत्रों को पहाड़िया समुदाय के लिए आरक्षित करने की मांग करते हुए कहा कि दूसरी जातियों के जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार पहाड़ियों का शोषण किया गया है। इसलिए अब पहाड़िया समाज को स्वयं की नेतृत्व क्षमता विकसित कर हक की लड़ाई लड़नी होगी।
मौके पर धर्मेन्द्र मालतो, पुसा पहाड़िया, निजरी पहाड़िया, कमलेश्वर पहाड़िया समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।









