हिल व्यूह रोड से भरमटोली : 70-80 लाख की बनी सड़क हुई जर्जर, सैकड़ों गड्ढों से राहगीर बेहाल*

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6 माह पूर्व भी इस सड़क का हुआ था जीवणोद्दार, अब गड्ढे मे तब्दील

रांची संवाददाता / मनोज प्रसाद

राजधानी रांची के बरियातू इलाके में हिल व्यूह रोड से भरमटोली तक बनी करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क एक बार फिर से चर्चा में है। दो वर्ष पूर्व जिला परिषद फंड से 70 से 80 लाख रुपये की लागत से बनाई गई इस सड़क की हालत अब इतनी खराब हो चुकी है कि राह चलते लोग हिचकोले खा रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह सैकड़ों गड्ढे बन गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों का चलना दूभर हो गया है।

जानकारी के अनुसार, यह सड़क स्थानीय वार्ड पार्षद हुस्न आरा के करीबी ठेकेदार द्वारा बनवाई गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरती गई थी। सड़क निर्माण के महज कुछ महीनों बाद ही इसकी हालत बिगड़ने लगी थी।

वहीं, छह महीने पहले नगर निगम टेंडर के द्वारा इस मार्ग पर वाटर पाइपलाइन बिछाने समेत अन्य विकास कार्यों के लिए खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद गुजरात की ठेकेदार कंपनी ‘कृपा कंस्ट्रक्शन’ को सड़क के पुनर्निर्माण का जिम्मा सौंपा गया। कंपनी ने हिल व्यूह रोड से डॉन बॉस्को चौक तक मरम्मत का काम किया, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं।

मरम्मत के छह महीने के भीतर ही सड़क फिर से पुराने हाल में लौट आई है। गड्ढों की भरमार और उबड़-खाबड़ सतह ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। वाहन चालकों को रोजाना जाम और दुर्घटना के खतरे से जूझना पड़ता है।

स्थानीय निवासी बिजय कुमार कहते हैं, “हर साल सड़क बनती है, लेकिन टिकती नहीं। लाखों रुपये खर्च होते हैं, पर काम में कोई पारदर्शिता नहीं है।”

इधर, नगर निगम और जिला परिषद इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। ठेकेदारों की जवाबदेही तय नहीं होने से निर्माण कार्यों में लापरवाही आम बात हो गई है।

जनता ने की जांच की मांग:—–
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस सड़क निर्माण और पुनर्निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जनता के पैसों का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सवाल खड़े होते हैं:

  • क्या ठेकेदार को काम देने से पहले उसकी पात्रता जांची गई थी?
  • निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की गई?
  • अगर मरम्मत छह माह में ही फेल हो गई, तो जिम्मेदार कौन?
Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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