ग्रामीणों ने श्रमदान से बनाई जर्जर सड़क, सरकारी उपेक्षा पर जताई नाराजगी

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संथाल हूल एक्सप्रेस, पाकुड़िया: / संतोष कुमार

प्रखंड के चिरूडीह और लागडुम ग्राम के ग्रामीणों ने वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क की मरम्मत का बीड़ा स्वयं उठाते हुए श्रमदान कर उसे चलने लायक बना दिया। प्रखंड और जिला प्रशासन को कई बार जानकारी देने के बावजूद जब सड़क की मरम्मत नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने आपसी बैठक कर खुद ही काम शुरू कर दिया।

ग्रामीण लुकास मुर्मू, शिक्षक रवींद्र मरांडी, रमेश मुर्मू, मिकाइल सोरेन, मुंशीराम हेंब्रम समेत अन्य लोगों ने बताया कि बरसात के समय सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो जाती है। कीचड़ और गड्ढों के कारण पैदल चलना या वाहन चलाना तक मुश्किल हो जाता था। ऐसे में गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर चिप्स-डस्ट, मिट्टी, पत्थर और मोरम से सड़क की मरम्मत कर उसे दुरुस्त किया।

ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास की इलाके में खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि जहां सरकार की ओर से उदासीनता दिखी, वहीं आम लोगों ने एकजुटता से मिसाल कायम की।

सड़क निर्माण के इस कार्य में सोनकर सोरेन, निवास मुर्मू, मुंशी हेंब्रम, महेश मुर्मू, संदीप हेंब्रम, सुनीराम सोरेन, साइमन टुडु समेत दर्जनों ग्रामीणों ने स्वेच्छा से श्रमदान किया और कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

ग्रामीणों ने पथ निर्माण विभाग से मांग की है कि चिरूडीह जैसे सुदूरवर्ती इलाकों की ओर ध्यान देते हुए इस सड़क का स्थायी रूप से सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण किया जाए ताकि लोगों को प्रखंड मुख्यालय, अस्पताल, स्कूल, बस स्टैंड आदि तक आने-जाने में कोई परेशानी न हो।

Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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