सिदो-कान्हू की धरती पर पहुंची हूल पदयात्रा, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

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हर वर्ष की तरह इस बार भी भोगनाडीह तक निकाली गई पदयात्रा, लिट्टीपाड़ा में माल्यार्पण

लिट्टीपाड़ा,(संथाल हूल एक्सप्रेस)।

170वां हूल दिवस के उपलक्ष्य में गोटा भारोत सिदो-कान्हू हूल बैसी के तत्वावधान में शनिवार को दुमका सिदो-कान्हू (पोखरा) चौक से भोगनाडीह तक निकाली जा रही पदयात्रा पाडेरकोला और शहरघाटी होते हुए लिट्टीपाड़ा पहुंची। यहां पदयात्रियों ने सिदो-कान्हू एवं तिलका मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस पदयात्रा का आयोजन वर्ष 2005 से लगातार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो समेत हूल क्रांति के वीर शहीदों को नमन करना और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से अवगत कराना है।

शहीदों के सपनों को साकार करने का संकल्प
मौके पर डॉ. संजय सेबास्टियन मरांडी ने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम पर विस्तृत जानकारी देते हुए लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। इसके बाद पदयात्रा भोगनाडीह के लिए रवाना हुई।

इस ऐतिहासिक पदयात्रा में बैसी के पूर्व सचिव सुलेमान मरांडी, कोषाध्यक्ष सनातन मुर्मू, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. गैमालिएल हांसदा, संयोजनकर्ता डॉ. ए.एम. सोरेन, नयकी सोरेन, डॉ. सुशील मरांडी, पीटर हेम्ब्रम, मखोदी सोरेन, निर्मला टुडू, मनिष किस्कू और इमामी मुर्मू समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे।

Bishwjit Tiwari
Author: Bishwjit Tiwari

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