संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची: रिम्स-2 निर्माण परियोजना को लेकर राजधानी रांची में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित ग्रामीणों का विरोध भी तेज होता जा रहा है। इसी बीच निर्माण स्थल पर चहारदीवारी निर्माण कार्य के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी गई है।
भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निर्माण स्थल और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा आने-जाने वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए रिम्स-2 परियोजना को महत्वपूर्ण मानती है। इसलिए निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है।
वहीं दूसरी ओर प्रभावित ग्रामीणों में परियोजना को लेकर नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हैं और बिना उनकी सहमति के परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसे लेकर ग्रामीण लगातार बैठकें कर रहे हैं तथा आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन, आजीविका और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। वहीं सरकार और प्रशासन परियोजना को आगे बढ़ाने के अपने निर्णय पर कायम हैं। ऐसे में रिम्स-2 निर्माण को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गरमा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अडिग दिखाई दे रहे हैं।
