सारंडा में नक्सलियों को बड़ा झटका, 25 उग्रवादी आज करेंगे आत्मसमर्पण

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

Jharkhand में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। कोल्हान के सारंडा जंगल स्थित मंकी फॉरेस्ट क्षेत्र में सक्रिय नक्सली संगठन के 25 उग्रवादी आज Ranchi स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा के समक्ष आत्मसमर्पण करेंगे।

जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में तीन जोनल कमांडर, छह सब-जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर और 10 दस्ता सदस्य शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान सभी उग्रवादी औपचारिक रूप से हथियार डालेंगे और उन्हें राज्य सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमिटी सदस्य चंदन लोहरा प्रमुख है। इसके अलावा पांच लाख का इनामी जयकांत उर्फ गूंगा और दो लाख का इनामी अश्विन उर्फ आजाद भी हथियार डालेंगे। मिसिर बेसरा का अंगरक्षक संनत उर्फ इतवारी मांझी के भी सरेंडर करने की सूचना है।

इसके साथ ही सब-जोनल कमांडर सागेन अंगरिया, प्रभात उर्फ नागेंद्र मुंडा, गुलशन मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सुलेमान हांसदा और दर्शन उर्फ विजय हांसदा समेत कई उग्रवादी मुख्यधारा में लौटेंगे।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली करीब डेढ़ दर्जन आधुनिक हथियार और बड़ी मात्रा में कारतूस भी जमा करेंगे। इनमें एलएमजी, इंसास राइफल और एसएलआर जैसे हथियार शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के नेटवर्क के लिए बड़ा झटका साबित होगा। सारंडा क्षेत्र में लगातार सुरक्षा बलों के दबाव के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। हालांकि संगठन के शीर्ष नेतृत्व समेत करीब 20 उग्रवादी अब भी जंगलों में सक्रिय बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियां लगातार जंगलों और संवेदनशील इलाकों में सर्च अभियान चला रही हैं। पुलिस का कहना है कि दबाव बढ़ने के कारण नक्सली अब छोटे-छोटे समूहों में बंटकर गांवों में छिपने की कोशिश कर रहे हैं। इसे देखते हुए कई क्षेत्रों में निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।

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