सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा, चंदा और श्रमदान से बना रहे रास्ता

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

Sahibganj: जिले के बोरियो प्रखंड अंतर्गत तेलों पंचायत के तेलो मांझी टोला गांव में सड़क निर्माण की मांग लगातार अनसुनी किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने अब खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। तेलो मांझी टोला से मोहली टोला तक सड़क नहीं होने की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर और श्रमदान कर करीब एक किलोमीटर कच्ची सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क नहीं रहने के कारण दोनों टोले के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बरसात के दिनों में पगडंडी दलदल में तब्दील हो जाती थी, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता था। मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती थी और मरीजों को खटिया पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था।

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। ग्रामीण बरसात अंसारी ने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्याओं को भुला दिया जाता है।

वर्षों तक इंतजार के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला तो ग्रामीणों ने खुद सड़क बनाने का फैसला लिया। सुबह से गांव के लोग एकजुट होकर जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी सोलिंग का कार्य शुरू कर दिया। किसी ने फावड़ा उठाया, किसी ने कुदाल संभाली तो किसी ने मिट्टी ढोने की जिम्मेदारी निभाई।

माले नेता कसतूर अंसारी ने बताया कि दोनों टोले के करीब 350 परिवार सड़क की समस्या से प्रभावित हैं। अधिकांश लोग खेती और मजदूरी पर निर्भर हैं। सड़क नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, इलाज और रोजगार पर भी असर पड़ रहा है।

ग्रामीण शमशेर अंसारी ने बताया कि गांव के लोगों ने मिलकर लगभग 5 लाख रुपये का चंदा जुटाया है, जिससे फिलहाल कच्ची सड़क बनाई जा रही है। साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

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