नई दिल्ली : देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। पेट्रोल के दाम में 3.14 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। तेल कंपनियों द्वारा बढ़ाए गए नए दाम लागू होने के बाद आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। खासकर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में इसका असर अधिक देखने को मिल सकता है।
वाहन चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को और बिगाड़ दिया है। वहीं व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि डीजल महंगा होने से सामानों की ढुलाई पर अतिरिक्त खर्च आएगा।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक परिस्थितियों का असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर बाजार की अन्य वस्तुओं पर भी दिखाई दे सकता है।
पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू होने के बाद कई शहरों में वाहन चालकों की लंबी कतारें पेट्रोल पंपों पर देखी गईं। आम जनता अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठी है।








