संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत बेलवाना पंचायत के बरईपांट गांव में मनरेगा के तहत निर्माणाधीन कूप तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस मामले ने तब गंभीर रूप ले लिया जब करीब एक महीने पहले इसी अधूरे कूप में गिरकर 5 वर्षीय मासूम अमन कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मृतक बच्चे की मां पुदीना देवी ने बताया कि लगभग तीन साल पहले मनरेगा योजना के तहत मदन यादव ने अपनी मां रीता देवी के नाम पर कूप निर्माण की योजना ली थी। आरोप है कि निर्माण कार्य जेसीबी मशीन से शुरू कराया गया और बाद में कूप को अधूरा छोड़ दिया गया। इसी अधूरे गड्ढे में 4 अप्रैल को उनका बेटा गिर गया, जिससे उसकी डूबकर मौत हो गई।
मृतक के पिता अनिल यादव ने कहा कि घटना के बाद बीडीओ, पुलिस और पंचायत प्रतिनिधि जांच के लिए पहुंचे थे तथा मुआवजा और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। लेकिन एक महीने बीत जाने के बाद भी न तो जांच पूरी हुई और न ही परिवार को किसी प्रकार की सहायता मिल सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि कूप के आसपास किसी प्रकार की घेराबंदी नहीं की गई है, जिससे बच्चों और मवेशियों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने मांग की है कि या तो कूप का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए या फिर उसे भरवा दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
वहीं मामले को लेकर जब स्थानीय मुखिया उमर फारूक से जानकारी ली गई तो उन्होंने जेसीबी से निर्माण कार्य कराए जाने की बात से इनकार किया। साथ ही किसी कार्रवाई की स्थिति पर भी स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में कई योजनाओं में नियमों की अनदेखी कर मशीनों का इस्तेमाल किया गया है। एक मासूम की मौत के बाद भी योजना का अधूरा रहना स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।








