संथाल हूल एक्सप्रेस दुमका
झारखंड के दुमका स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को 16 साल पुराने एक मामले में दोषी ठहराते हुए 1 वर्ष की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश मोहित चौधरी की अदालत ने सुनाया।
यह मामला वर्ष 2010 का है, जब सूखा संकट को लेकर देवघर समाहरणालय का घेराव किया गया था। इस दौरान प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी। देवघर नगर थाना कांड संख्या 363/2010 के तहत यह मामला दर्ज किया गया था।
अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, उस समय प्रदीप यादव के साथ रणधीर सिंह और 14 अन्य कार्यकर्ताओं को भी नामजद आरोपी बनाया गया था। आरोप था कि प्रशासन द्वारा केकेएम देवघर स्टेडियम में हिरासत में लिए गए झाविमो कार्यकर्ताओं को छुड़ाने की कोशिश की गई, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
कोर्ट के इस फैसले के बाद विधायक के अधिवक्ता द्वारा अपील दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही सजा पर रोक के लिए बेल याचिका भी दाखिल की गई है।
फिलहाल, इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।








