टीथर का गोल्ड रिजर्व रिकॉर्ड स्तर पर, 132 टन तक पहुंचा—डिजिटल डॉलर की मजबूती पर जोर

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संथाल हूल एक्सप्रेस सेंट्रल डेस्क

न्यूयॉर्क/सैन साल्वाडोर: दुनिया की सबसे बड़ी स्टेबलकॉइन जारी करने वाली क्रिप्टो कंपनी ने अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ाकर 132 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। कंपनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस रिजर्व की कुल कीमत लगभग 19.8 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई है।

कंपनी ने मार्च तिमाही में करीब 6 टन सोना खरीदा, जबकि इससे पिछली तिमाही में 27 टन सोने की खरीद की गई थी। पिछले 12 महीनों में टीथर की गोल्ड होल्डिंग्स दोगुनी हो गई हैं और इसकी कुल वैल्यू लगभग तीन गुना बढ़ चुकी है। वर्ष 2025 में टीथर ने पोलैंड को छोड़कर अधिकांश देशों के केंद्रीय बैंकों से भी अधिक सोना खरीदा, जो इसकी आक्रामक निवेश रणनीति को दर्शाता है।

टीथर नामक स्टेबलकॉइन जारी करती है, जिसे ब्लॉकचेन नेटवर्क पर अमेरिकी डॉलर के मूल्य के करीब स्थिर रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत आमतौर पर 1 अमेरिकी डॉलर के आसपास रहती है, इसलिए इसे “डिजिटल डॉलर” भी कहा जाता है। वर्तमान में बाजार में करीब 189.5 अरब डॉलर के USDT टोकन सर्कुलेशन में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी से टीथर अपने स्टेबलकॉइन को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी का मुख्यालय **** में स्थित है, जो पहले ही बिटकॉइन को वैध मुद्रा का दर्जा देने के कारण वैश्विक सुर्खियों में रह चुका है।

हालांकि, क्रिप्टो बाजार में पारदर्शिता और नियमन को लेकर सवाल समय-समय पर उठते रहे हैं, लेकिन टीथर की यह रणनीति निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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