संथाल हूल एक्सप्रेस सेंट्रल डेस्क
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले द्वारा फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान कराने के आदेश के बाद राज्य की राजनीति तेज हो गई है। इस फैसले को लेकर और के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
बीजेपी ने आयोग के फैसले के बाद टीएमसी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए सीधे को निशाने पर लिया है। पार्टी का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई, जिसके चलते पुनर्मतदान की नौबत आई।
वहीं, टीएमसी ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। टीएमसी नेता श्रेया पांडे ने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि “फाल्टा में 10 बार नहीं, 100 बार भी दोबारा मतदान हो जाए, नतीजे हमारे पक्ष में ही आएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी डायमंड हार्बर क्षेत्र में अपना प्रभाव नहीं बना पाएगी और हर बार टीएमसी को ही जनता का समर्थन मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि काउंटिंग से पहले पुनर्मतदान का आदेश चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना सकता है। दोनों प्रमुख दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी से यह सीट राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है।
फिलहाल, सभी की निगाहें पुनर्मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो पश्चिम बंगाल की सियासत की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।








