संथाल हूल एक्सप्रेस सेंट्रल डेस्क
रामपुरहाट (पश्चिम बंगाल), 05 मार्च 2026:
रामपुरहाट रेलवे स्टेशन पर खड़ी एक मालगाड़ी में खुले तौर पर कोयला लदे वैगनों को देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। प्लेटफॉर्म पर खड़ी इस ट्रेन के कई वैगनों में कोयला बिना किसी कवर (तिरपाल) के भरा हुआ था, साथ ही कुछ वैगनों में कोयला किनारों से ऊपर तक उभरा हुआ नजर आया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्लेटफॉर्म क्षेत्र में इस तरह खुले और ऊंचे स्तर तक भरे कोयले से धूल उड़ने और कोयला गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे यात्रियों और आसपास के लोगों को परेशानी हो सकती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस तरह की ढुलाई से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और रेलवे नियमों की अनदेखी होती है।
रेलवे के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कोयला ढुलाई के लिए ओपन वैगनों का उपयोग सामान्य है, लेकिन लोडिंग निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि कोयला वैगन से बाहर न गिरे और धूल का अत्यधिक उत्सर्जन न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कोयला वैगन के किनारों से ऊपर तक भरा हो, तो यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो सकता है।
इस संबंध में रेलवे अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि रेलवे को पर्यावरण और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सख्त कदम उठाने चाहिए।








