नई दिल्ली: देश में आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शनिवार को एक राष्ट्रव्यापी मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणाली का शुभारंभ करेंगे। इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में नागरिकों तक चेतावनी संदेशों को तेजी और सटीकता के साथ पहुंचाना है।
यह प्रणाली दूरसंचार विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित की गई है। इसके माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं या अन्य आपात स्थितियों के दौरान लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सकेगा।
इस पहल का मुख्य आधार “सचेत” नामक एकीकृत चेतावनी प्रणाली है, जिसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। इसे सी-डॉट (C-DOT) ने विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म एसएमएस आधारित अलर्ट के जरिए भौगोलिक रूप से लक्षित (Geo-targeted) चेतावनियां भेजने में सक्षम है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक सटीक सूचना पहुंचाई जा सके।
यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) का पालन करती है। इससे देश में आपदा प्रबंधन प्रणाली को तकनीकी रूप से और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली के लागू होने से चक्रवात, बाढ़, भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान समय रहते चेतावनी मिलने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सरकार का यह कदम “डिजिटल इंडिया” और सुरक्षित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।







