केंद्रीय बजट 2026-27: युवा शक्ति, आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास पर केंद्रित बजट

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया। यह बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, जो तीन कर्तव्यों से प्रेरित है—आर्थिक वृद्धि को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा कर उनकी क्षमता का निर्माण करना और सबका साथ–सबका विकास के दृष्टिकोण को सशक्त करना।

वित्त मंत्री ने माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के पावन अवसर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बजट युवा शक्ति संचालित है और गरीब, शोषित एवं वंचित वर्गों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि भारत, विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, समावेश और महत्वाकांक्षा के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ेगा।


तीन कर्तव्य, विकास की स्पष्ट दिशा

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट की संरचना तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है—

  1. आर्थिक वृद्धि को तेज करना और बनाए रखना
  2. जन-आकांक्षाओं की पूर्ति और क्षमता निर्माण
  3. सबका साथ–सबका विकास के अनुरूप समावेशी प्रगति

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापार अवरोध, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं, नई तकनीकों का प्रभाव तथा ऊर्जा व महत्वपूर्ण खनिजों की बढ़ती मांग जैसी चुनौतियों के बीच भारत को लचीली और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ना होगा।


आर्थिक वृद्धि को गति: निवेश, अवसंरचना और उद्योग पर जोर

पहले कर्तव्य के अंतर्गत सरकार ने छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप कार्यक्रमों का प्रस्ताव किया है—

  • रणनीतिक और सीमा क्षेत्रों में विनिर्माण विस्तार
  • विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण
  • एमएसएमई को ‘भविष्य के चैम्पियन’ के रूप में विकसित करना
  • अवसंरचना पर सशक्त निवेश
  • दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा
  • नगर आर्थिक क्षेत्रों का विकास

सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि

वित्त मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वित्त वर्ष 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर बीई 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। इसे वित्त वर्ष 2026-27 में बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।


बायोफॉर्मा शक्ति और वस्त्र क्षेत्र को बढ़ावा

भारत को वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केंद्र बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की ‘बायोफॉर्मा शक्ति’ योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत अगले पांच वर्षों में बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम तैयार किया जाएगा।

वहीं, श्रम-गहन वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें राष्ट्रीय फाइबर योजना, टेक्स-इको पहल और समर्थ 2.0 के माध्यम से कौशल उन्नयन शामिल है।


एमएसएमई और रोजगार

एमएसएमई को विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव किया है, जिससे भविष्य के चैम्पियन उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।


रेल, जलमार्ग और हरित परिवहन

पर्यावरणीय रूप से सतत यात्री और कार्गो परिवहन को बढ़ावा देने के लिए—

  • सात उच्च-गति रेल गलियारे विकसित किए जाएंगे, जिनमें दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी, मुंबई–पुणे, हैदराबाद–चेन्नई जैसे मार्ग शामिल हैं।
  • अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का संचालन शुरू होगा।

दूसरा कर्तव्य: शिक्षा, कौशल और मानव संसाधन

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। इस दिशा में—

  • प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास
  • एवीजीसी क्षेत्र के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट लैब
  • 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइडों का कौशल उन्नयन
  • खेलो इंडिया मिशन के जरिए खेल क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव

तीसरा कर्तव्य: किसान, महिला और कमजोर वर्ग

किसानों की आय बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है।

  • बहुभाषी एआई टूल ‘भारत विस्तार’ कृषि उत्पादकता बढ़ाएगा।
  • लखपति दीदी कार्यक्रम के तहत ‘शी-मार्ट’ की स्थापना।
  • निमहांस-2 और रांची व तेजपुर में मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन।

राजकोषीय स्थिति

  • राजकोषीय घाटा 2026-27 में जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान।
  • ऋण-से-जीडीपी अनुपात घटकर 55.6% रहने का अनुमान।

प्रत्यक्ष कर सुधार और नया आयकर अधिनियम

  • नया आयकर अधिनियम 2025, अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
  • सरलीकृत नियम और फॉर्म शीघ्र अधिसूचित होंगे।
  • विदेशी यात्रा, शिक्षा और चिकित्सा पर टीसीएस घटाकर 2%
  • दंड और अभियोजन प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत किया गया।

आईटी और वैश्विक निवेश को प्रोत्साहन

  • आईटी सेवाओं के लिए एकल श्रेणी और 15.5% सेफ हार्बर मार्जिन
  • सेफ हार्बर सीमा 300 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये
  • विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं को 2047 तक टैक्स हॉलीडे

केंद्रीय बजट 2026-27 को सरकार ने विकास, समावेशन और दीर्घकालिक स्थिरता के संतुलन वाला बजट बताया है, जो भारत को वैश्विक आर्थिक मंच पर मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


Leave a Comment

और पढ़ें