रांची। रांची पुलिस ने रविवार रात एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य को हिला देने वाले संगठित अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का खुलासा किया। यह कार्रवाई धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी, जगन्नाथपुर से 2 जनवरी 2026 को अपहृत दो छोटे भाई-बहन अंश कुमार (5 वर्ष) और अंशिका कुमारी (4 वर्ष) की 14 जनवरी को रामगढ़ से सकुशल बरामदगी के बाद की गई गहन जांच का परिणाम है। रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि यह गिरोह झारखंड के साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। गिरोह पिछले तीन वर्षों से सक्रिय था और बच्चों को अगवा कर उनसे भीख मंगवाने, बेचने और अन्य अमानवीय कार्यों में इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस ने अब तक 12 बच्चों को विभिन्न जिलों से सुरक्षित बरामद किया है। इनमें अधिकतर बच्चे 4 से 12 वर्ष की उम्र के हैं और कुछ को दो से तीन साल पहले अगवा किया गया था। इस मामले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
एसएसपी ने बताया कि जांच की शुरुआत धुर्वा थाना कांड संख्या 01/26 से हुई। इस दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, हजारों वाहनों की जांच की गई और डॉग स्क्वॉड व ड्रोन की मदद ली गई। साथ ही, देशभर में “ह्यू एंड क्राई” नोटिस जारी कर एनजीओ और सामाजिक संगठनों का सहयोग भी लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) अब भी सक्रिय है और बाकी बच्चों की तलाश के साथ गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने मीडिया को जांच से जुड़े कई अहम पहलुओं की जानकारी दी और पूरी कार्रवाई का वीडियो ब्रीफिंग भी जारी किया। अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता पुलिस, जनता और सामाजिक संगठनों के सहयोग का नतीजा है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच आगे भी जारी रहेगी।








