संथाल हूल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
नई दिल्ली। राज्यसभा में चुनावी प्रक्रिया और EVM-VVPAT को लेकर चल रही बहस के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया दोहरा है—चुनाव जीतने पर EVM-VVPAT पर भरोसा और हारने पर गड़बड़ी के आरोप लगाए जाते हैं। नड्डा ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाने की कोशिश करार दिया।
जेपी नड्डा ने सदन में कहा कि EVM प्रणाली राजीव गांधी के कार्यकाल से लागू है और समय-समय पर इसे और अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि VVPAT मिलान में अब तक किसी भी स्तर पर गड़बड़ी प्रमाणित नहीं हुई है। नड्डा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग (EC) की निष्पक्षता पर विपक्ष बार-बार सवाल उठाता है, लेकिन इन आरोपों को साबित करने में विफल रहा है।
विपक्ष की ओर से VVPAT सॉफ्टवेयर की जानकारी सार्वजनिक करने और पर्ची मतदाताओं को देने जैसी मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की गोपनीयता और सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बैलेट पेपर पर लौटने की मांग को अव्यावहारिक बताते हुए पुराने दौर का उदाहरण दिया, जब बॉक्स गायब होने जैसी घटनाएं सामने आती थीं, जबकि EVM-VVPAT ने ऐसी आशंकाओं को समाप्त किया है।
नड्डा ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत स्वीकार करने की परंपरा होनी चाहिए, न कि हर हार के बाद संस्थाओं पर संदेह खड़ा किया जाए। उन्होंने विपक्ष से चुनाव आयोग और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर भरोसा बनाए रखने की अपील की।
सदन में इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक भी देखने को मिली। हालांकि, सरकार की ओर से यह संदेश साफ रहा कि EVM-VVPAT प्रणाली विश्वसनीय, सुरक्षित और पारदर्शी है, और इस पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं।









