खूंटी क्रेशर फायरिंग: ‘राहुल सिंह गैंग’ ने ली जिम्मेदारी, 9 जिलों के व्यवसायियों को धमकी

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वायरल ‘प्रेस विज्ञप्ति’ में ‘आजाद सरकार’ का दावा, पुलिस साइबर जांच और सुरक्षा चाक-चौबंद करने में जुटी

खूंटी। खूंटी जिले के रनियां थाना क्षेत्र के डोडमा स्थित एक क्रेशर कार्यालय में 9 दिसंबर की रात हुई गोलीबारी की घटना ने एक गंभीर और चिंताजनक मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कथित ‘प्रेस विज्ञप्ति’ में खुद को ‘राहुल सिंह’ और ‘आजाद सरकार’ कहने वाले एक समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। विज्ञप्ति में प्रदेश के नौ जिलों के व्यवसायियों को खुली धमकी दी गई है।

वायरल बयान में दावे और धमकी:
कथित विज्ञप्तिमें कहा गया है कि रात करीब 11:20 बजे क्रेशर ऑफिस को निशाना बनाया गया। इसमें व्यवसायियों द्वारा समूह की बात को ‘नजरअंदाज’ करना इस हमले का कारण बताया गया है। विज्ञप्ति में झारखंड में व्यापार, खनन, ठेकेदारी और निर्माण से जुड़े लोगों को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि वे उनकी बात को गंभीरता से लें।

विशेष रूप से रांची, हजारीबाग, रामगढ़, चतरा, लातेहार, गुमला, खूंटी, लोहरदगा और पलामू – इन नौ जिलों का जिक्र करते हुए धमकी दी गई है कि भविष्य में उनकी बातचीत को अनदेखा किया गया तो परिणाम गंभीर होंगे। ठेकेदारों, कोयला कारोबारियों, माइनिंग ऑपरेटरों और जमीन कारोबारियों को निशाना बनाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई:
इस वायरल विज्ञप्तिके बाद खूंटी पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस ने इस बयान की सत्यता और स्रोत की जांच शुरू कर दी है। साइबर अपराध इकाई संदेश के स्रोत, आईपी एड्रेस और इसे शेयर करने वाले चैनलों का पता लगा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की धमकी, दबाव या अवैध वसूली के प्रयास को गंभीर अपराध माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा बढ़ाई गई:
घटनाके बाद से क्रेशर यूनिट और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है। जांच टीम घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सुरागों का विश्लेषण कर रही है। प्रशासन ने व्यापारियों और ठेकेदारों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, संदेश या धमकी की तुरंत सूचना पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

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