झारखंड में शीतलहर की मार तेज होती जा रही है। राज्यभर में अचानक पारा गिरने से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह से लेकर देर शाम तक घना कोहरा और सर्द हवाएँ लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर रही हैं। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है, जिसके चलते अलाव की मांग बढ़ गई है। सड़क, चौक-चौराहों और मोहल्लों में लोग सर्दी से बचाव के लिए आग तापते दिख रहे हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए आगामी दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई है। विभाग का अनुमान है कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में ठंड की स्थिति अधिक गंभीर है। वहीं राजधानी रांची सहित रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो और खूंटी में भी शीतलहर का असर लगातार बना रहेगा।
तेज ठंड से बच्चों और बुजुर्गों में बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने, नियमित रूप से चाय-सूप जैसे गर्म पेय पदार्थ लेने और शरीर को गर्म रखने की सलाह दी है। कई जिलों में प्रशासन द्वारा सामुदायिक अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोग राहत पा सकें।
बढ़ती सर्दी के बीच सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है। स्कूलों में उपस्थिति घट रही है, ग्रामीण इलाकों में खेत-खलिहान का काम धीमा हुआ है और वाहनों की रफ्तार सुबह-शाम कोहरे के कारण कम हो गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद लोग सतर्क हो गए हैं और बाजारों में गर्म कपड़ों की खरीदारी भी तेजी से बढ़ी है।
राज्य में आने वाले 72 घंटे ठंड के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। विभाग ने सलाह दी है कि लोग अनावश्यक घर से बाहर न निकलें, हीटर और अलाव का सुरक्षित इस्तेमाल करें और मौसम की अपडेट नियमित रूप से लेते रहें।









