संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क।
इंडोनेशिया में भूकंप की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार बीते 30 दिनों में देश में कुल 1440 भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें कई हल्के कंपन भी शामिल हैं, जबकि कुछ भूकंपों की तीव्रता विनाशकारी स्तर तक पहुंची। हाल ही में आए 6.6 तीव्रता के भूकंप ने क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां पृथ्वी की सबसे अधिक सक्रिय भूकंपीय गतिविधियां होती हैं। विश्व के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इन्हीं क्षेत्रों में आते हैं। रिंग ऑफ फायर में कई टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से टकराती, खिसकती या धंसती रहती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर भूकंपीय झटके महसूस किए जाते हैं।
भूवैज्ञानिकों के अनुसार इंडोनेशिया एक अत्यधिक संवेदनशील भू-क्षेत्र है, जहां विभिन्न प्लेटों के निरंतर इंटरैक्शन के कारण भूकंप और सूनामी का खतरा हमेशा बना रहता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में आने वाले दिनों में भी भूकंप की घटनाओं में कमी की संभावना कम है। इस कारण सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को लगातार सतर्क रहकर राहत एवं बचाव की तैयारियां बनाए रखनी होंगी।
भूकंपों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं। जोखिम वाले इलाकों में निवासियों से सजग और सावधानी बरतने की अपील की गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति इंडोनेशिया के लिए एक गंभीर भूवैज्ञानिक चुनौती के रूप में सामने आई है।









