मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। झारखंड में इस मुद्दे पर नेताओं के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक बयान में कहा गया कि मतदाता सूची में सुधार और सत्यापन किए जाने से कई राजनीतिक दलों में चिंता बढ़ी है।
वहीं विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता को प्राथमिकता दी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मतदाता सूची में सुधार से गलत या दोहराए गए नाम हटेंगे, जिससे मतदान प्रक्रिया और सुचारू होगी।
मतदाता सत्यापन अभियान जारी है और प्रशासन की ओर से भी दावा किया जा रहा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची तैयार करने का काम तेज़ी से पूरा होगा।









