संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
कोलकाता, 24 नवम्बर 2025
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा डेटा एंट्री से जुड़े कार्यों को निजी कंपनियों को देने और प्राइवेट हाउसिंग सोसाइटी के अंदर पोलिंग स्टेशन बनाने के सुझाव पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा राज्य के CEO के माध्यम से 1 वर्ष के लिए 1000 डेटा एंट्री ऑपरेटर और 50 सॉफ्टवेयर डेवलपर्स बाहरी एजेंसियों से रखने का प्रस्ताव अत्यंत जोखिमपूर्ण है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
ममता बनर्जी ने लिखा कि निर्वाचन कार्य एक अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसे किसी भी परिस्थिति में निजी हाथों में सौंपना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि निजी कंपनियाँ इसमें शामिल होंगी तो डेटा सुरक्षा, मतदाता गोपनीयता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे।
मुख्यमंत्री ने प्राइवेट हाउसिंग सोसाइटी के अंदर पोलिंग स्टेशन बनाने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे मतदाताओं, विशेषकर आम और साधनहीन वर्ग, को असुविधा होगी तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान वातावरण प्रभावित हो सकता है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे और चुनावी प्रक्रिया को किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप से सुरक्षित रखे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में विश्वास बनाये रखने के लिए चुनाव आयोग का निष्पक्ष रहना और उसकी प्रक्रियाओं का पारदर्शी होना अनिवार्य है।









