संथाल हूल एक्सप्रेस
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से फोन पर हुई बातचीत में दो टूक कहा कि ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है। बातचीत के दौरान जिनपिंग ने दावा किया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में ताइवान का चीन में लौटना एक स्वाभाविक और ऐतिहासिक प्रक्रिया रही है।
जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका ने सेकेंड वर्ल्ड वॉर में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी थी, और उसी जीत की नींव पर बने वैश्विक ढांचे की रक्षा दोनों देशों की जिम्मेदारी है।
दूसरी ओर, ताइवान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उसके भविष्य का निर्णय केवल ताइवान के लोग ही करेंगे, और किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
दोनों पक्षों के बयानों के बाद क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।









