“तीन बच्चे पैदा करें… तीसरे बच्चे की पढ़ाई का खर्च मैं उठाऊंगा”

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

संथाल हूल एक्सप्रेस

मध्य प्रदेश के मंदला जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक प्रमुख सामाजिक संगठन से जुड़े वक्ता ने अपने संबोधन में ऐसा बयान दिया, जिसने सामाजिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस खड़ी कर दी है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हर हिंदू परिवार को कम से कम तीन बच्चे अवश्य पैदा करने चाहिए, ताकि समाज में जनसांख्यिक संतुलन बना रहे।

उन्होंने मंच से कहा—
“दो बच्चों की पढ़ाई आप संभालें, तीसरे बच्चे की शिक्षा का पूरा खर्च मैं उठाऊंगा।”

उनके इस बयान पर उपस्थित लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। कई कार्यकर्ताओं ने इसका समर्थन किया, जबकि समाज के कुछ वर्गों ने इसे विवादित बताते हुए जनसंख्या नीति के विपरीत करार दिया।

वक्ता ने दावा किया कि जनसंख्या के संदर्भ में समाज को सजग रहना होगा, अन्यथा आने वाले समय में सांस्कृतिक असंतुलन पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनका यह संदेश किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना जगाने और समुदाय को मजबूत बनाने के लिए है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि देश में जनसंख्या, शिक्षा और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर संवेदनशीलता और संतुलित दृष्टिकोण आवश्यक है। ऐसे वक्तव्यों पर व्यापक सामाजिक चर्चा जरूरी है, ताकि गलतफहमी और भ्रामक संदेश फैलने से रोका जा सके।

Leave a Comment

और पढ़ें