संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
बिहार की राजनीति में आज बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य की 17वीं विधानसभा आज औपचारिक रूप से भंग की जाएगी, जिसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपेंगे, जिससे नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। राजनीतिक हलकों में सुबह से ही हलचल तेज है और सभी दल अपनी रणनीतियों पर सक्रिय हो चुके हैं।
नीतीश कुमार के इस्तीफे से पहले जदयू विधायक दल, भाजपा विधायक दल और एनडीए के संयुक्त विधायकों की बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में नए नेता के चयन और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। एनडीए के भीतर नेतृत्व को लेकर मंथन का दौर जारी है और आज की बैठक में विधायक दल औपचारिक रूप से अपना नेता चुनेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में नए सियासी समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। विधानसभा भंग होने के बाद राज्य में अगले कदमों को लेकर कई तरह की संभावनाएं उभर रही हैं—चाहे वह नई सरकार का गठन हो या फिर चुनाव की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता। इसी बीच जदयू और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की लगातार बैठकों ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।
फिलहाल पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं और सभी की निगाहें राजभवन पर टिकी हुई हैं, जहां नीतीश कुमार अपना इस्तीफा सौंपकर आगामी राजनीतिक प्रक्रिया का रास्ता साफ करेंगे।









