सऊदी अरब हादसा: 45 भारतीयों के शव वहीं किए जाएंगे दफन, मुआवज़े पर भी संकट; उमरा के लिए जा रहे थे सभी यात्री

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

रियाद/नई दिल्ली। सऊदी अरब में हुए दर्दनाक बस–टैंकर हादसे में मारे गए 45 भारतीयों के शव अब सऊदी में ही दफनाए जाएंगे। स्थानीय कानून और प्रक्रियाओं के चलते शवों को भारत लाना संभव नहीं हो पा रहा है। घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवज़ा मिलने में भी गंभीर अड़चनें सामने आ रही हैं।

यह हादसा तब हुआ जब उमरा यात्रा पर निकले भारतीय श्रद्धालु बस से मक्का की ओर जा रहे थे। रास्ते में उनकी बस तेज रफ्तार टैंकर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में आग लग गई और अधिकांश लोग मौके पर ही जलकर मौत का शिकार हो गए। मृतकों में उत्तर भारत के कई राज्यों—बिहार, झारखंड, यूपी और कर्नाटक—के लोग शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब के नियमों के तहत हादसों में मारे गए विदेशी नागरिकों के शव कई परिस्थितियों में स्थानीय स्तर पर ही दफनाए जाते हैं। शवों की पहचान, डीएनए प्रोफाइलिंग और कानूनी औपचारिकताओं में देरी की वजह से परिजनों की इच्छा के बावजूद उन्हें स्वदेश भेजना संभव नहीं है। सऊदी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी मृतकों का अंतिम संस्कार वहीं किया जाएगा।

मुआवज़े को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जानकारी के अनुसार, संबंधित ट्रांसपोर्ट कंपनी और बीमा एजेंसियों ने नुकसान का आकलन शुरू किया है, लेकिन विदेशी यात्रियों को मुआवज़ा देने में कानूनी पेचिदगियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय दूतावास इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।

हादसे की खबर से मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है। परिजन शवों को भारत लाने की अनुमति मिलने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन सऊदी प्रशासन के निर्णय के बाद उनकी पीड़ा और बढ़ गई है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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