संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
कालाष्टमी के पावन अवसर पर बुधवार को संथाल परगना के विभिन्न मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भोर से ही श्रद्धालुओं ने भगवान कालभैरव और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना की।
कालाष्टमी के दिन शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक एवं भजन-संध्या का आयोजन किया गया। मंदिर प्रांगणों में “जय कालभैरव”, “हर हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। भक्तों ने उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की और दीपदान किया।
पंडितों के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाने की परंपरा है। इस दिन भगवान शिव के उग्र रूप “कालभैरव” की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि जो भक्त पूरे श्रद्धाभाव से कालाष्टमी का व्रत करता है, उसे जीवन में भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ नगरों में भी श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मयूरकोला, कोटालपोखर, बरहरवा, पाकुड़, साहिबगंज और दुमका के शिवालयों में दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाएं, पुरुष और युवा वर्ग पूजा-पाठ में शामिल हुए।
संथाल हूल एक्सप्रेस परिवार ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को कालाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और भगवान कालभैरव से प्रदेश में शांति, समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की।









