संथाल हूल एक्सप्रेस टीम
हिंदू धर्म में संकटों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना के साथ मनाई जाने वाली संकष्टी चतुर्थी का पर्व बुधवार को श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना कर लोगों ने अपने परिवार की मंगल कामना की। उपासक दिनभर व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद फलाहार ग्रहण कर व्रत पूर्ण करते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार संकष्टी चतुर्थी पर गणपति बप्पा की आराधना करने से जीवन में आने वाली हर विपत्ति टल जाती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लाल पुष्प अर्पित करने की परंपरा रही है।
स्थानीय मंदिरों में भी सुबह से भक्तों की भीड़ देखी गई। लोगों ने गणेश वंदना के साथ देश-प्रदेश की खुशहाली और समाज में शांति-समरसता की प्रार्थना की। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि संकष्टी चतुर्थी का व्रत विशेष रूप से ग्रहदोष निवारण और मानसिक शांति प्रदान करने वाला होता है।
इस अवसर पर संथाल हूल एक्सप्रेस (हिंदी दैनिक) की ओर से सभी पाठकों और जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं।









