संथाल हूल एक्सप्रेस, झारखंड —
दीपों के महापर्व दीपावली से एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली (जिसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है) का उल्लास झारखंड सहित पूरे देश में देखने को मिला। घर-आंगन दीपों से सजे, मिठाइयों की खुशबू फैली और लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देकर खुशियाँ बाँटी।
???? अंधकार पर प्रकाश की जीत का संदेश
छोटी दिवाली का धार्मिक महत्व यह है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर संसार को अत्याचार से मुक्त कराया था। तभी से यह दिन अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है।
लोग इस दिन घरों की सफाई करते हैं, दीप जलाते हैं और अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर करने का संकल्प लेते हैं।
???? सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का पर्व
झारखंड के विभिन्न जिलों — रांची, धनबाद, साहिबगंज, देवघर और जमशेदपुर — में मंदिरों और घरों में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने उत्सव मनाया।
शाम ढलते ही पूरा वातावरण दीयों की सुनहरी रोशनी से नहाया हुआ दिखा। बच्चे फुलझड़ियाँ और पटाखे जलाकर खुशियाँ मनाते नजर आए, जबकि बड़ों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया।
????️ संथाल हूल एक्सप्रेस की ओर से संदेश
“खुशियाँ आपके कदम चूमें —
इसी कामना के साथ संथाल हूल एक्सप्रेस परिवार की ओर से
आप सभी को और आपके परिवार को
छोटी दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ!” ????
????संथाल हूल एक्सप्रेस (हिंदी दैनिक)
???? 9102822232 | ???? www.santhalhulexpress.com | ???? Jharkhand










